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SGPT Full Form In Hindi

SGPT Full Form In Hindi

इस आर्टिकल में आपको SGPT Full Form In Hindi के बारे में जानकारी मिलेगी | SGPT की फुल फॉर्म Serum Glutamic Pyruvic Transaminase होती है। SGPT एंजाइम यकृत व ह्रदय कोशिकाओं मैं मिलता है | हृदय के घायल होने पर SGPT का रक्तप्रवाह किया जाता है। शरीर मैं SGPT की मात्रा हृदय या यकृत मैं कोई समस्या आने पर बढ़ जाती है। कुछ खास दवाये भी SGPT के स्तर को शरीर मैं बड़ा सकती है | SGPT को अक्सर Alanine Aminotransferase भी कहा जाता है। SGPT ज्यादातर यकृत मैं उपलब्ध होता है।

SGPT के रक्त परीक्षण से Glutamate Pyruvate Transaminase की मात्रा का पता लगाया जा सकता है।

SGPT TEST के लाभ

1. SGPT टेस्ट करा के आप ये पता लगा सकते है की आपको जिगर की कोई समस्या है की नहीं।
2. SGPT टेस्ट से आप अपने शरीर मैं SGPT का स्तर पता कर सकते है।
3. इस टेस्ट से आप यकृत की समस्या, यकृत की शिथिलता, हेपेटाइटिस व पीलिया जैसी बीमारियों का पता लगा सकते है।
4. यदि आपको पिली पेशाब, उलटी या दाहिने हिस्से मैं दर्द होता है तो आप ये टेस्ट करवा सकते है।

ALT और AST क्या होते है।

SGPT टेस्ट ALT( एलेनिन ट्रांसमिनेज़ )एंजाइम को मापने के काम आता है | एमिनोट्रांस्फरेज एंजाइम (ALT,AST) शरीर मैं रासायनिक प्रक्रियाओ के लिए जिम्मेदार होता है। ALT यकृत में बना एक एंजाइम होता है जो ऊतकों के क्षतिग्रस्त होने पर सिरम में छोड़ा जाता है | इस एंजाइम को SGPT भी कहा जाता है | इसमें एक एमिनो समूह एक दाता अणु से एक प्राप्तकर्ता अणु मैं चले जाता है। इसे एमिनोट्रांसफेरस भी कहा जाता है। एलानिन एमिनोट्रांस्फरेज़ (ALT) को SGPT(सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस) भी कहा जाता है।

आप इसे इस तरीके से समझ सकते है। AST=SGOT और ALT=SGPT ये एक तरीके के एंजाइम है जो लिवर के द्वारा उत्पादित किये जाते है।

SGOT और SGPT शरीर मैं कहां होते है।

SGOT(AST) ह्रदय, लीवर, मस्तिष्क और गुर्दो सहित शरीर के तमाम ऊतकों मैं पाया जाता है। शरीर के किसी भी ऊतक मैं कोई हानि होने पर SGOT व SGPT को सीरम मैं छोड़ा जाता है। सीरम मैं SGOT का स्तर मांशपेशियों मैं चोट के साथ बढ़ जाता है।

अक्सर लिवर डैमेज होने पर SGPT का लेवल बढ़ जाता है परंतु सिर्फ SGPT लेवल बढ़ने से हम यह नहीं कह सकते कि लिवर डैमेज है क्योंकि SGPT का लेवल मांसपेशियों में चोट के साथ भी बढ़ जाता है अगर आपका SGPT लेवल बढ़ा है तो आप यह मत सोचिए कि आपका लिवर डैमेज हो गया है इसका सही पता करने के लिए आपको एक अनुभवी चिकित्सक के पास जाना चाहिए |एक अनुभवी चिकित्सक आपको यह पता करने में मदद करेगा कि आपका लिवर डैमेज है या नहीं|

SGPT(ALT) बड़ी मात्रा मैं यकृत मैं पाया जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि यह सिर्फ यकृत में ही पाया जाता है पर यह यकृत में ज्यादातर मात्रा में पाया जाता है। यकृत में किसी तरह की खराबी आने पर एक सांकेतिक रूप में कार्य कर  करता है।

SGOT और SGPT के नॉरमल लेवल क्या होते हैं ।

5 से 40 यूनिट प्रति लीटर सीरम SGOT की सामान्य सीमा होती है। 7 से 56 यूनिट प्रति लीटर सीरम SGPT की सामान्य सीमा होती है |

यकृत परीक्षण क्या होता है |

SGOT और SGPT टेस्ट से आप जिगर की बीमारियों का पता लगा सकते हैं अगर आपके जिगर में कोई भी समस्या है तो आप SGOT और SGPT टेस्ट से पता लगा सकते हैं | SGOT और SGPT टेस्ट को यकृत परीक्षण या यकृत रक्त परीक्षण टेस्ट कहा जाता है | SGOT और SGPT के सामान्य लेवल से अधिक होने पर या नहीं कहा जा सकता कि व्यक्ति को यकृत रोग ही होगा | SGOT और SGPT के सामान्य लेवल से अधिक होने पर व्यक्ति को यकृत समस्या हो सकती है और नहीं भी | क्योंकि SGOT और SGPT का लेवल मांसपेशियों में क्षति के कारण भी पढ़ सकता है|

सिर्फ SGOT और SGPT के अधिक लेवल होने से हम यह पता नहीं लगा सकते किसी व्यक्ति में लिवर की समस्या है या नहीं इसके लिए हमें एक अनुभवी चिकित्सक चाहिए जो सही से जांच करके यह बता सके कि व्यक्ति में लीवर की समस्या है या नहीं | SGPT और SGOT का लेवलवह हमें यह बता सकता है कि एक व्यक्ति भविष्य में लिवर की समस्या हो सकती है | अक्षर हेपेटाइटिस वाले व्यक्तियों में SGOT और SGPT का लेवल अधिक होता है | इसके अलावा क्रोनिक हेपेटाइटिस वाले लोग में भी SGOT और SGPT का लेवल अधिक दिखाई देता है |

AST, ALT और लीवर परीक्षण |

AST और ALT टेस्ट सही से यह नहीं बता सकते कि लीवर में क्या प्रॉब्लम है पर कई सारे चिकित्सक इस टेस्ट स्कोर को लीवर की समस्या पता लगाने में उपयोग करते हैं | कई बार ऐसा भी होता है कि AST और ALT के लेवल काफी अधिक होते हैं पर लिवर फिर भी सही से कार्य करता है | अगर आपको लीवर की समस्या है तो सिर्फ ASR और ALT परीक्षण पर भरोसा ना करके किसी अनुभवी चिकित्सक को दिखाएं |

डॉक्टर एसजीपीटी परीक्षण के आदेश काम देता है |

शरीर में निम्न लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर SGPT टेस्ट के लिए कहता है | यह लक्षण इस प्रकार होते हैं |

  1. पेट में दर्द होना या सूजन होना |
  2. बार बार उल्टी होना |
  3. त्वचा का पीला पड़ जाना |
  4. कमजोरी आना |
  5. अत्यधिक थकान महसूस करना |
  6. पीले रंग की पेशाब होना |
  7. त्वचा में खुजली होना |

SGPT परीक्षण में क्या जोखिम हो सकते हैं |

SGPT एक बहुत ही सरल प्रक्रिया होती है पर इसमें कुछ जोखिम हो सकते हैं | जैसे कि जिस जगह पर सुई लगाई गई है वहां पर निशान या सूजन हो सकती है | अन्य जोखिम यह हो सकते हैं कि इंजेक्शन वाली जगह पर अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है | त्वचा के नीचे अत्यधिक रक्त जमा होने से हेमेटोमा होने का खतरा रहता है | इंजेक्शन लगाने की जगह पर संक्रमण होने का खतरा रहता है |

दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आपको हमारी पोस्ट SGPT फुल फॉर्म इन हिंदी पसंद आई होगी अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई है तो आप इसको अपने दोस्तों वह फैमिली मेंबर्स के साथ शेयर कर सकते हैं |

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