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PCOD Full Form In Hindi

PCOD Full Form In Hindi

दोस्तों इस आर्टिकल में हम पीसीओडी (PCOD) क्या होता है और PCOD Full Form In Hindi क्या होती है समझेंगे | आजकल महिलाओं को पीसीओडी (PCOD) की समस्या बहुत ज्यादा हो रही है | पीसीओडी (PCOD) की समस्या सिर्फ महिलाओं को ही होती है | पीसीओडी एक तरीके का हार्मोनल विकार होता है | जब किसी महिला में असंतुलित तरीके से हार्मोन बढ़ने लगता है तो पीसीओडी की समस्या होती है |

आइए दोस्तों पीसीओडी को और गहराई से और अच्छे से समझते हैं | पीसीओडी को अच्छे से समझने के लिए हमारे पोस्ट को अंत तक पढ़े |

PCOD Full Form In Hindi

पीसीओडी (PCOD) की फुल फॉर्म पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (Poly Cystic Overy Disorder) होती है | आजकल की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है | महिलाएं घर के और बाहर के दोनों के कामों में अपने आप को व्यस्त रखती है | ऐसे में ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर का अच्छे से ध्यान रखना भूल जाती है | ऐसे में महिलाएं कई बीमारियों से ग्रसित हो जाती है | पीसीओडी (PCOD) भी उन्हीं बीमारियों में से एक बीमारी है |

जरूरत से ज्यादा काम करने की वजह से यह बीमारी महिलाओं में बढ़ती जा रही है | हम सभी जानते हैं सही से नहीं खाने पीने वह आराम नहीं कर पानी की वजह से कई सारी बीमारियां हो सकती है | तो चलिए जानते हैं आजकल ये बीमारी महिलाओं को इतना प्रभावित क्यों कर रही है |

ज्यादातर महिलाओं को पीसीओडी (PCOD) उनकी प्रजनन आयु में परेशान करता है | पीसीओडी (PCOD) में महिलाओं के शरीर में असंतुलित तरीके से हार्मोन का उत्पादन होने लगता है | इसमें पुरुष हार्मोन एंड्रोजन अधिक संख्या में बढ़ने लगता है | एक रिपोर्ट के अनुसार 10 में से हर एक महिला पीसीओडी (PCOD) से ग्रसित है |

पीसीओडी (PCOD) को पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है | जो महिलाएं इससे पीड़ित होती है उनके अंडाशय में छोटे सिस्ट पैदा होते हैं |

पीसीओडी (PCOD) होने की संभावना किन्हे ज्यादा होती है ?

5 से 10% महिलाएं जिन्हें पीसीओडी होता है | उनकी उम्र 15 से 44 वर्ष होती है | यह महिलाओं को उस दौरान होता है जब वह बच्चे पैदा कर सकती हैं | ज्यादातर महिलाओं को 20 से 30 की उम्र में पता लगता है कि उन्हें पीसीओडी है खासकर तब जब वह गर्भवती नहीं हो पाती है और डॉक्टर के पास जाती हैं | वही पीसीओएस किसी भी उम्र में हो सकता है |

अगर आपके फैमिली में किसी को पीसीओडी (PCOD) की समस्या है तो इससे आपको पीसीओडी होने की संभावना बढ़ जाती है | अगर आप मोटे हैं तो भी आपको पीसीओडी होने की संभावना बढ़ जाती है |

किन कारणों से पीसीओडी (PCOD) होता है ?

पीसीओडी (PCOD) के सही कारणों का पता लगाना काफी मुश्किल होता है परंतु डॉक्टरों के अनुसार अगर आपकी फैमिली में किसी को भी पीसीओडी (PCOD) है | तो आपको पीसीओडी होने की संभावना बढ़ जाती है | अगर आपकी फैमिली में पीसीओडी अनुवांशिक है तो आपको होने की संभावना भी बढ़ जाएगी | पीसीओडी होने के कुछ निम्न कारण हमने नीचे बताए हैं :

इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाने से

महिलाओं में अधिक इंसुलिन बन जाने से अधिक एंड्रोजन का उत्पादन होने लगता है जिसके कारण हार्मोन असंतुलित होने लग जाता है और महिलाओं में बांझपन और पीसीओडी की समस्या होने लगती है |

शरीर में निम्न श्रेणी की सूजन

जब शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाएं कम हो जाती है तो शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है जिसके कारण महिलाओं में निम्न श्रेणी की सूजन हो जाती है और ऐसे में एंड्रोजन के उत्पादन होने की क्षमता भी बढ़ जाती है |

जीन

काफी सारे डॉक्टरों का यह मानना है कि पीसीओडी (PCOD) अनुवांशिक होता है | अगर महिला की फैमिली में किसी को पीसीओडी है तो महिला को पीसीओडी होने की होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है |

पीसीओडी (PCOD) के लक्षण

पीसीओडी की समस्या महिला के समग्र स्वास्थ्य स्थिति को बदल देती है | ज्यादातर महिलाएं अपने मासिक धर्म के पहले या बाद में पीसीओडी के लक्षणों को महसूस करती है | पीसीओडी के कुछ संकेत इस प्रकार है :

पीसीओडी (PCOD) की जटिलताएं

अगर पीसीओडी को बिना उपचार के छोड़ दिया जाता है तो यह और जटिल रूप ले सकता है | एक महिला के प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए पीसीओडी का उपचार बहुत जरूरी होता है | पीसीओडी से जुड़ी हुई कुछ जटिलताएं निम्न प्रकार है:

पीसीओडी (PCOD) का उपचार

पीसीओडी (PCOD) का समय पर उपचार कराना बहुत जरूरी होता है | पीसीओडी के उपचार के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए | पीसीओडी (PCOD) के इलाज के लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां भी लिख कर के दे सकता है | आप अपने जीवन शैली व खानपान में बदलाव लाकर के पीसीओडी की समस्या का उपचार कर सकते हैं |

ज्यादा से ज्यादा व्यायाम करके तथा योगा करके आप अपने पीसीओडी का इलाज कर सकते हैं | अपने खाने में जितना हो सके फाइबर, विटामिन ई, फैटी एसिड लेने की कोशिश करें |

पीसीओडी (PCOD) को ठीक करने के घरेलू उपचार

प्रजनन उम्र की महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) की समस्या सबसे अधिक देखी जाती है | पीसीओडी (PCOD) का इलाज जीवन शैली में बदलाव करके किया जा सकता है | कुछ घरेलू उपाय निम्न प्रकार है जो आपको आपका (PCOD) कंट्रोल करने में मदद करेंगे |

बहुत सारी महिलाओं के लिए (PCOD) एक सीरियस समस्या है | हर 10 में से एक महिला इस विकार से पीड़ित है | आशा करता हूं कि आपको हमारे इस आर्टिकल में पीसीओडी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां मिली होंगी |

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