IOT Full Form In Hindi

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आईओटी के बारे में पढ़ेंगे आईओटी (IOT) क्या होता है तथा IOT Full Form In Hindi क्या होती है | आईओटी (IOT) को हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स कहते हैं | अगर आप आईओटी (IOT) के बारे में नहीं जानते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण वह जानकारी से भरपूर हो सकती है | आइए आईओटी (IOT) को विस्तृत रूप से समझते हैं |

IOT Full Form In Hindi

आईओटी (IOT) की फुल फॉर्म इंटरनेट ऑफ थिंग्स होती है | आज के इस दौर में सबकुछ टेक्नोलॉजी व विज्ञान की मदद से होता है शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो कंप्यूटर, इंटरनेट और टेक्नोलॉजी शब्दों से अनजान होगा | आजकल हर कोई इन सब शब्दों को जानता है |

टेक्नोलॉजी और साइंस ने इंसानी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है | आईओटी (IOT) इंसानी जिंदगी को आसान बनाने का एक बहुत ही अच्छा उदाहरण है | आईओटी (IOT) ने लोगों की दैनिक जीवन को काफी आराम और आसान कर दिया है | आईओटी (IOT) तकनीक का उपयोग करके लोगों की जिंदगी काफी आसान हो गई है |

internet-of-things

आईओटी (IOT) का एक अच्छा उदाहरण आप मॉलों में देख सकते हैं जहां आप के आते ही दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं तथा आपके जाते ही दरवाजे अपने आप बंद हो जाते हैं | कमरे में एसी का अपने आप टेंपरेचर कम कम और ज्यादा करना (IOT) का ही एक अच्छा उदाहरण है | कभी आपने यह सोचा है कि यहां सब कैसे संभव हो पाता है आखिर कौन सी टेक्नोलॉजी इसके पीछे कारगर होती है | इस टेक्नोलॉजी को लोगों ने (IOT) का नाम दिया है |

(IOT) में डिवाइस व उपकरणों को इंटरनेट की सहायता से आपस में जोड़ा जा सकता है | उपकरणों को आपस में जोड़ देने से इन्हें कंट्रोल करना काफी आसान हो जाता है |

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) क्या है ?

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं आईओटी (IOT) की फुल फॉर्म इंटरनेट ऑफ थिंग्स है |(IOT) विभिन्न उपकरणों को इंटरनेट की सहायता से एक दूसरे को जोड़ने के काम आता है | (IOT) उपकरणों में सॉफ्टवेयर कंप्यूटर डिवाइसेज, गैस सेंसर आदि शामिल होते हैं | यह सभी इंटरनेट के माध्यम से आपस में जुड़े होते हैं |

जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी का नया दौर आगे बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे (IOT) उपकरणों का इस्तेमाल भी हर रोज बढ़ता जा रहा है | आजकल टीवी, स्मार्टफोंस, कार सब जगह आईओटी(IOT) सेंसर्स लगे रहते हैं | थर्मोस्टेट, रिंग डोरबेल यह सभी आईडी का एक ऐसा है | (IOT) आजकल चिकित्सा क्षेत्र में भी काफी फैल रहा है |

Gartner की रिपोर्ट के अनुसार 2023 तक 25 मिलियन से ज्यादा आईओट्टी उपकरणों का निर्माण हो जाएगा |

आपकी कार का आने वाले रास्ते में ट्रैफिक को पहचानना, स्मार्ट माइक्रोवेव, स्वचालित भोजन पकाने वाली मशीन, सेल्फ ड्राइविंग कार तथा उनके सेंसर (IOT) के अच्छे उदाहरण है | हृदय गति को मापने वाली डिवाइस, आपके हेल्थ फिटनेस का ध्यान रखने वाली डिवाइस आदि सब आईओटी के अंतर्गत आते हैं |

आईओटी (IOT) कैसे काम करता है |

(IOT) को आधुनिक टेक्नोलॉजी द्वारा और अच्छा बनाने की कोशिश की जा रही है | कोई भी व्यक्ति जिसे कंप्यूटर और इंटरनेट की सामान्य जानकारी है वह आईओटी (IOT) उपकरणों को आसानी से इस्तेमाल कर सकता है | कोई भी व्यक्ति (IOT) की मदद से अपने घर के उपकरणों को एक साथ कनेक्ट करके अपनी जिंदगी को आसान बना सकता है आप अपने फैन या AC को मोबाइल से कनेक्ट कर सकते हैं | तथा इसे मोबाइल से ही ऑपरेट कर सकते हैं जिससे आपकी जिंदगी काफी आसान हो जाती है |

उपकरणों को कंट्रोल करने के लिए वायरलेस तकनीक का उपयोग किया जाता है जैसे कि वाईफाई और ब्लूटूथ | वाईफाई और ब्लूटूथ डाटा को आदान प्रदान करने में मदद करते हैं |

उदाहरण- आप अपने घर में ऐसी(AC) ऑन कर के बैठे हैं तुरंत ही आपको याद आता है की आपको कुछ काम करना है इसके लिए आप बाहर जाते हैं बाहर जाते वक्त आपको ध्यान आता है कि आप तो ऐसी बंद करना भूल गए हैं ऐसे में आईओटी (IOT) काफी मददगार साबित होता है आईओटी(IOT) की मदद से आप अपने मोबाइल से ही अपनी ऐसी (AC) को बंद कर सकते हैं आपको AC बंद करने के लिए ऑफिस से घर जाने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि आपका AC आपके मोबाइल से जुड़ा हुआ होता है इसकी मदद से आप AC को बंद कर सकते हैं |

आपातकालीन स्थिति में आईओटी काफी सहायता प्रदान करने वाला होता है | हॉस्पिटलों में जिन मरीजों की हालत काफी गंभीर होती है वहां आईओटी के सेंसर काफी मददगार साबित होते हैं |

आईओटी (IOT) एप्लीकेशन

आईओटी (IOT) का इस्तेमाल कहां कहां किया जा सकता है इसका विवरण हमने नीचे किया है |

iot applications

आईओटी (IOT) का इस्तेमाल घरों में

आईओटी (IOT) का इस्तेमाल हम अपने घरों में कर सकते हैं | हम अपने स्मार्टफोन की मदद से अपने फैन, एसी तथा अन्य उपकरणों को आपस में जोड़ सकते हैं | जब फैन और AC आदि उपकरण मोबाइल से कनेक्ट हो जाते हैं तो हम इन्हें मोबाइल से ही ऑन व ऑफ कर सकते हैं | कई बार घर से बाहर जाते वक्त हम अपने AC व फैन को बंद करना भूल जाते हैं ऐसे में आईओटी की मदद से हम उन्हें घर के बाहर से भी ऑन और ऑफ कर सकते हैं |

Wearable Devices ( पहनने वाली चीजें )

वह सारी चीजें जिन्हें हम पहन सकते हैं जैसे कि स्मार्ट वॉच यह सब उपकरण internet-of-things में आते हैं | आपकी स्मार्ट वॉच एक इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरण है | आजकल मार्केट में काफी कंपनी की स्मार्ट वॉचेस आती है जैसे सैमसंग कंपनी की स्मार्ट वॉच एप्पल और गूगल इन सभी स्मार्टवॉचेस में सेंसर लगे होते हैं जिनको आप अपने मोबाइल से कनेक्ट कर सकते हैं एक बार मोबाइल से कनेक्ट करने के बाद आप इन्हें मोबाइल से भी ऑपरेट कर सकते हैं |

इंडस्ट्रियल इंटरनेट

इंडस्ट्रियल सेक्टर में आईओटी(IOT) की काफी जरूरत है | इंटरनेट ऑफ थिंग्स इंडस्ट्रियल सेक्टर में यूज होने लगता है तो इसे इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIOT) कहते हैं | इंडस्ट्रियल सेक्टर में सेंसर सॉफ्टवेयर तथा डाटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों की बहुत जरूरत होती है | इंडस्ट्रियल सेक्टर को मजबूत बनाने में (IOT) का बड़ा योगदान है | (IOT) उपकरण मनुष्यों की तुलना में काफी एक्यूरेट होते हैं जिनसे काम जल्दी वह आसानी से हो जाता है |

एग्रीकल्चर में इंटरनेट ऑफ थिंग्स

आजकल काफी ज्यादा जनसंख्या हो जाने से खाद्य फलों की जरूरत भी बढ़ गई है इसलिए हमें काफी जल्दी काफी ज्यादा फसलों का उत्पादन करना होता है जिसके लिए हमें काफी ज्यादा उपकरण चाहिए होते हैं ऐसे में (IOT) के उपकरण काफी जल्दी वह काफी अच्छे से फसलों का उत्पादन करने में मदद करते हैं |

(IOT) उपकरणों की मदद से आप फसल संबंधी जानकारी को भी रिकॉर्ड में रख सकते हैं | मिट्टी की नमी, छात्रों की उपस्थिति, तापमान और अन्य कई जानकारियों को आप रिकॉर्ड में रख सकते हैं | इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरणों की मदद से एग्रीकल्चर फील्ड में फसलों का उत्पादन काफी ज्यादा बढ़ाया जा सकता है जिससे खाद्य जरूरतों को जल्दी से पूरा किया जा सकता है |

सेल्फ ड्राइविंग कार (स्वचालित कारे)

आजकल ऐसी कारें बन गई है जिन्हें ड्राइवर की जरूरत नहीं होती है वह खुद ही चलने लग जाती है आपको बस कहां जाना है उस स्थान का नाम डालना होता है कार आपको खुद ही उस जगह तक पहुंचा देती है | यहां सब चीजें internet-of-things की मदद से पॉसिबल है | कार की स्पीड को कंट्रोल करना दरवाजों का अपने आप खुलने और बंद होना नाइट का ऑन ऑफ होना यह सब इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से संभव हो पाया है |

आजकल स्वचालित कारों की डिमांड व आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है | स्वचालित कारों के आ जाने से ड्राइवर के ऊपर होने वाला खर्चा भी कम हो जाता है |

आईओटी(IOT) का इस्तेमाल स्मार्ट सिटी बनाने में

इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से रोजमर्रा के परेशानियां जैसे जल, बिजली आपूर्ति, क्राइम, इन सब समस्याओं का निवारण आसानी से किया जा सकता है इंटरनेट ऑफ थिंग्स की वेब एप्लीकेशन की मदद से आप आसानी से फ्री पार्किंग की जगह ढूंढ सकते हैं जिससे आपका काफी ज्यादा समय बचा सकते हैं |

इंटरनेट ऑफ थिंग्स का इस्तेमाल हॉस्पिटल्स मैं

हॉस्पिटल और हेल्थ सेंटर्स में इंटरनेट ऑफ थिंग्स काफी ज्यादा फैल गया है | हॉस्पिटल में इक्विपमेंट का डाटा तथा मरीजों का डाटा और रिपोर्ट रखने के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरण काफी ज्यादा मददगार साबित होते हैं | इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरणों की मदद से किसी मरीज की आपातकालीन सूचना को बहुत जल्दी से डॉक्टर तक पहुंचाया जा सकता है |

इंटरनेट ऑफ थिंग्स के प्रमुख फीचर्स

इंटरनेट ऑफ थिंग्स के कुछ प्रमुख फीचर्स इस प्रकार है :

Connectivity

आईओटी (IOT) उपकरणों का एक दूसरे से कनेक्शन होना आईओटी (IOT) कनेक्टिविटी कहलाता है | आईओटी उपकरणों का एक दूसरे के साथ कनेक्शन होने के बाद कम्युनिकेशन के लिए काफी अच्छी डाटा स्पीड की जरूरत पड़ती है |

Artificial Intelligence

Artificial Intelligence आईओटी (IOT) उपकरणों की छमता व विशेषताओं को बढ़ाने के लिए काफी मददगार साबित होता है | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आईओटी उपकरण की कैलकुलेशन व सॉफ्टवेयर के स्पीड को बढ़ा देता है |

Sensing

मौसम परिवर्तन का पता लगाने के लिए आईओटी (IOT) डिवाइसेज काफी ज्यादा इस्तेमाल की जाती है | (IOT) तकनीक सेंसर को एक्टिव व उपयोगी बनाता है | आईओटी तकनीक सेंसर में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हुई है |

Security

सुरक्षा की दृष्टि से आईओटी (IOT) उपकरण काफी ज्यादा संवेदनशील होते हैं | आईओटी (IOT) उपकरण एक दूसरे से जुड़े होने के कारण इन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है जिससे इनसे आसानी से जानकारी निकाली जा सकती है | आईओटी उपकरण से डाटा निकालकर इनका आसानी से दुरुपयोग किया जा सकता है |

IoT के लक्षण

आईओटी (IOT) के 4 मुख्य लक्षण होते हैं पहला सेंसर दूसरा कनेक्टिविटी तीसरा डाटा प्रश्न चौथा यूजर इंटरफेस | आईओटी के लक्षण का नीचे अच्छी तरह से विवरण दिया गया है |

Sensors

अपने आसपास से डाटा एकत्रित करने के लिए सेंसेज काफी मददगार साबित होते हैं जैसे आज का तापमान कितना है जो डाटा हम सेंसर की मदद से आसानी से रिकॉर्ड कर सकते हैं | GPS, Camera, Microphone आदि सेंसर के उदाहरण है |

Data processing

डाटा प्रोसेसिंग में जमा किया हुआ डाटा प्रोसेसिंग के लिए क्लाउड सर्वर भेजा जाता है | सॉफ्टवेयर डाटा को प्रोसेस करता है | जीपीएस, कैमरा, माइक्रोफोन आदि से जमा किया हुआ डाटा क्लाउड सर्वर तक भेजा जाता है इसमें टेंपरेचर रीडिंग भी आ जाती है |

Connectivity

कनेक्टिविटी है जिसके माध्यम से हम कलेक्टेड डाटा को क्लाउड सर्वर तक भेज सकते हैं | वाईफाई सैटेलाइट नेटवर्क ब्लूटूथ आदि डाटा को क्लाउड सरवर तक पहुंचाने में काम आने वाले टेक्निक है | इन सब की मदद से हम डाटा को क्लाउड सर्वर तक भेजते हैं |

User interface

क्लाउड से जब डाटा वापस डिवाइस तक भैया जाता है तो उसे एंड यूजर को यूजर इंटरफेस के जरिए दिखाया जाता है | यूजर इंटरफेस की मदद से एंड यूजर डाटा को आसानी से समझ पाता है और इसका यूज कर पाता है |

IoT के उदाहरण

आईओटी के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं :

Automatic Car

ऑटोमेटिक कार आईओटी (IOT) का एक मुख्य उदाहरण है जहां आपको सिर्फ कार में बैठना होता है और कार आपको स्वता ही आपकी पसंदीदा जगह पर पहुंचा देती है | ऑटोमेटिक कार तेल की की खपत, माइलेज संबंधित जानकारियां का रिकॉर्ड रख के मालिक को बताती है | जो कि आईओटी की मदद से पॉसिबल हुआ है |

Smart Lock

स्मार्ट लॉक आईओटी (IOT) का एक अच्छा उदाहरण है आप अपने स्मार्ट लॉक को अपने मोबाइल से कनेक्ट कर सकते हैं और आपको जब जरूरत हो आप इस लोक को खोल व बंद कर सकते हैं | आपको अपने स्मार्ट लॉक को लॉक या अनलॉक करने के लिए किसी चाबी की जरूरत नहीं पड़ती है |

Activity Tracker

फिटनेस ट्रैकर या एक्टिविटी ट्रैकर को आप आईओटी एप्लीकेशन की मदद से अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट कर सकते हैं | एक्टिविटी ट्रैकर हमारी दिनभर की गतिविधियों का डाटा कलेक्ट करता है और हमें यह बताता है कि आज हमने कितनी एक्सरसाइज की है आज हम कितना चले हैं कितना दौड़े हैं यह हमें यह भी बताता है कि हमने आज कितनी कैलोरी नष्ट की है |

Smart Thermostat

स्मार्ट थर्मोस्टेट घर की हिटिंग में बहुत ही उपयोगी होते हैं | स्मार्ट थर्मोस्टेट ऑटोमेटिक शहर के तापमान को नियंत्रित करने का काम करता है आपको बार-बार तापमान नियंत्रित करने की जरूरत नहीं पड़ती है आप इसे अपने मोबाइल से भी कनेक्ट कर सकते हैं जिससे इसका इस्तेमाल करना काफी आसान हो जाता है |

निष्कर्ष

दोस्तों मुझे आशा है कि आप को हमारे इस IOT Full Form In Hindi आर्टिकल में अच्छी जानकारी मिली होगी जो आपके लिए काफी उपयोगी होगी | इस आर्टिकल में हमने इंटरनेट ऑफ थिंग्स की एप्लीकेशन उसके कैरेक्टरस्टिक्स व फीचर्स को काफी अच्छे से समझाया है |

अगर आपको अभी भी कोई समस्या है तो आप अपना सुझाव कमेंट करके हमें बता सकते हैं या आप हमें nowinhindi1@gmail.com में मेल कर सकते हैं अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे अपने दोस्तों को फैमिली मेंबर के साथ जरूर शेयर कीजिएगा |

Other Related Articles:

ESR Full Form In Hindi
CRPC Full Form In Hindi
SGPT Full Form In Hindi
ICDS Full Form In Hindi
MCH Full Form In Hindi
MFG Full Form In Hindi
PPO Full Form In Hindi
MSW Full Form In Hindi

Leave a Comment