APMC Full Form In Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमें यह जानेंगे की एपीएमसी (APMC) क्या होता है तथा APMC Full Form In Hindi क्या होती है ? एपीएमसी (APMC) राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया था ताकि वह व्यापारियों के विवेक व पारदर्शिता को खत्म कर सकें | एपीएमसी (APMC) का कानून 1950 में ही लाया गया था |

आइए एपीएमसी (APMC)को और अच्छे से समझते हैं | एपीएमसी (APMC) को जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े |

APMC Full Form In Hindi

एपीएमसी (APMC) की फुल फॉर्म एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी (Agricultural Produce Market Committee) होती है | हिंदी में एपीएमसी (APMC) को कृषि उपज विपणन समिति कहते हैं | यह नीति सरकार द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई है | हमारा देश एक गरीब देश है जहां की ज्यादातर आबादी किसानी करती है किसानों को उनकी उपज का सही दाम न मिल पाने से वह बहुत ज्यादातर परेशान रहते हैं | इस समस्या को हल करने के लिए सरकार ने एपीएमसी (APMC) समिति बनाई है | ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके |

एपीएमसी (APMC) बाजार में होने वाली अनिश्चितता से किसानों को बचाता है जब भी हमारे देश में अनिश्चितता का दौर होता था तो उसमें किसान सबसे ज्यादा शिकार होते थे | एपीएमसी (APMC) किसानों को अनिश्चितता से बचाकर उनको उनकी उपज का सही दाम देती है | इसमें किसान अपने उत्पाद को बेचने के लिए व्यापारिक मंडियों में लाते हैं | नीलामी लगाने वाले लोग सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से ऊपर ही बोली लगा सकते हैं |

भारत में कुल 2477 कृषि उपज समिति बाजार है तथा 4843 और उप बाजार भी उपलब्ध है | जो कि एग्रीकल्चर मार्केट प्रोड्यूस कमेटी द्वारा संचालित किए जाते हैं |

एपीएमसी (APMC) क्या है ?

  • एपीएमसी (APMC) बाजार क्षेत्र में उपलब्ध मंडिया है जो कृषि उपज को संभालती है |
  • एपीएमसी (APMC) की शुरुआत किसानों को अन्य बिचौलियों के शोषण द्वारा बचाने के लिए बनाई गई थी |
  • किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके इसका ध्यान एपीएमसी (APMC) रखता है |
  • कृषि व्यवसाय प्रथाओं के नियमन के लिए एपीएमसी काफी जिम्मेदार है |

एपीएमसी (APMC) का उद्देश्य

हमारे देश में किसानों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण भारत सरकार ने एपीएमसी (APMC) कानून लगाया था इस कानून का उद्देश्य किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाना था और उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना था |

इस कानून में कुछ बदलाव की जरूरत थी जो नहीं हो पाने की वजह से यह कानून अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाया और किसानों को इस कानून का सही से फायदा नहीं मिल पाया | इस कानून में बदलाव लाकर भारत सरकार किसानों की हालत में सुधार लाने का प्रयत्न कर रही है |

इस कानून का मकसद बाजार में व्यवस्था लाना तथा किसानों का शोषण कम करना है | शुरुआत में किसानों को इस कानून से बहुत फायदा हुआ था |

एपीएमसी (APMC) के फायदे

  • कमीशन एजेंटों और अपराधियों को ऑथराइज सिर्फ बाजार समिति द्वारा ही किया जा सकता है ताकि उपज के संबंधित खरीद और वितरण की गतिविधियों को रोक जा सके |
  • इस कानून के अंतर्गत बाजार व्यापारियों को गतिविधि करने के लिए लाइसेंस की जरूरत पड़ती है |
  • राज्य सरकारों द्वारा कृषि बाजार समितियों का गठन किया जाता है जिसमें 10 सदस्य होते हैं |

एपीएमसी (APMC) प्रणाली की वर्तमान स्थिति |

भारत देश के आजाद होने के बाद से ही गांवों में वितरण प्रणाली को साहूकार लोग नियंत्रित करते थे | इसमें किसान लोगों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता था और किसानों को वह लाभ नहीं मिल पाता था जिसके वह हकदार होते थे इससे छुटकारा पाने के लिए बहुत किसानों को उनका सही मूल्य देने के लिए सरकार ने एपीएमसी (APMC) की स्थापना की थी एपीएमसी (APMC) एक विपणन बोर्ड है जो यह सुनिश्चित करता है की किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके यह किसानों को व्यापारियों के शोषण से बचाने का काम भी करता है | यह किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करता है |

एपीएमसी (APMC) की विशेषताएं |

  • इस कानून के अंतर्गत किसी राज्य को अन्य प्रमुख बाजारों में बांट दिया जाता है और यह सभी बाजार क्षेत्र समिति के अधिकार क्षेत्र में आते हैं | इसके कारण कोई एजेंसी या थोक विवरण स्वतंत्र रूप से गतिविधि नहीं कर सकती है |
  • हर मार्केट कमिटी में 10 से 20 सदस्य होते हैं जो सरकार द्वारा चुने जाते हैं |
  • बाजार समिति द्वारा विभिन्न कमीशन एजेंटों को अधिकृत किया जाता है जो कि वितरण और विभिन्न खरीद गतिविधियों को संभालते हैं | इस कानून के आ जाने के बाद से हर व्यापारी को लाइसेंस प्राप्त करना पड़ता है |

एपीएमसी (APMC) प्रणाली में दोष |

  • बाजार समिति द्वारा विभिन्न गतिविधियों को संभालने के लिए कमीशन एजेंटों को अधिकृत किया जाता है |
  • कोई भी किसान अपनी उपज को इन कमीशन एजेंटों या नीलामी के द्वारा ही बेच सकते हैं |
  • एजेंट अपने लाभ को बढ़ाकर किसान के लाभ को कम करने की योग्यता रखते हैं |
  • फुटकर विक्रेता किसानों की उपज को सिर्फ एजेंटों के द्वारा ही खरीद सकते हैं |
  • इससे किसानों को उनकी उपज का कम दाम मिलने की संभावना रहती है |

मैं उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको हमारे इस लेख में APMC Full Form In Hindi से संबंधित जोड़ी भी जानकारियां मिली होंगी | अगर आपके पास एपीएमसी से संबंधित कोई सुझाव या समस्या है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं | अगर आप कोई आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे आप अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ शेयर जरूर करिएगा |

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